तस्वीरे बनाता रहता हूँ मैं टूटी हुई आवाजों पर,
एक चेहरा ढूँढता रहता हूँ मैं दीवारों और दरवाजों पर,
मैं अपने पास नही रहता और दूर से कोई बुलाता है,
ये रिश्ता क्या कहलाता है?
ये रिश्ता क्या कहलाता है?
ये रिश्ता क्या कहलाता है?
ये रिश्ता क्या कहलाता है?
~~~ राहत इन्दौरी,” मिनाक्षी “


I like this song too..!
very touching words ya…
ur blog and work both are creative. keep it up good luck
regards