जब तुम वापस आ जाते हो वर्तमान में.मुंबई में.. और देखते हो की तुम्हारा मन कही लग नहीं रहा है, काम करने की इच्छा सी नहीं रह गयी है, और हर चीज़ बदसूरत प्रतीत हो रही है… तब तुम्हे मालूम पड़ता है की तुम्हारा शरीर तो मुंबई में है, लेकिन तुम्हारा मन Greenwich park , National Gallery, Oxford और Thames के किनारे रह गया है.
और तुम सोचते हो की शायद वहां जाना ही नहीं चाहिए था.

